टाक्सो पैराकेनिस: बिल्लियों के साथ खेलते बच्ची की चली गईं एक आंख की रोशनी

डॉक्टरों के मुताबिक,  देश में ‘टाक्सो- पैराकेनिस’ बीमारी का यह तीसरा केस है, दरअसल, कानपुर की  आठ साल की बच्ची की इस बीमारी की वजह से दाहिनी आंख की रोशनी चली गई|

बिल्लियों के मल से होती है  यह बीमारी

बताया जा रहा है, कि बिल्लियों के मल से होने वाली इस इन्फेक्शन की वजह से ही बच्ची की एक आंख का पर्दा उखड़ गया था|

राहत की खबर है, कि बच्ची का एम्स में लंबे इलाज के बाद धीरे-धीरे उसकी आंखों की रोशनी वापस लौट रही है|

खबर के मुताबिक, कानपुर के इस परिवार ने अपने घर में तीन देसी बिल्लियां पाली थीं और उनकी बच्ची दो-तीन साल की उम्र से ही बिल्लियों के साथ खेलने लगी थी|

लेकिन, जब अचानक एक दिन उस  बच्ची की एक आंख में धुंधलापन आ गया, डॉक्टरों ने भी साधारण इन्फेक्शन समझ कर दवा दे दी, लेकिन इसके बावजूद कोई असर नहीं हुआ|

दिल्ली एम्स नेत्र रोग विभाग

परिजन इसके बाद बच्ची को लेकर दिल्ली एम्स के नेत्र रोग विभाग पहुंचे जहां बच्ची के रहन-सहन के बारे में पूछने और फिर बिल्लियों संग खेलने की जानकारी मिलने पर इस अजीब बीमारी की आशंका हुई|  

जांच में पाया गया, कि टीनिया केंडिस परजीवी का संक्रमण बिल्ली के मल से इंसानी आंख में पहुंचा, जिससे एक आंख का परदा उखड़ गया है|  

वहीं अब छह महीने से लगातार कुछ स्टेरायड और एंटीपैरासाइट दवाओं से इलाज कराने के बाद बच्ची ठीक हो रही है, और ऑपरेशन नहीं करना पड़ा|

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