सलवा हुसैन एकमात्र ऐसी महिला हैं, जिनके शरीर में नहीं है दिल, जानिए फिर कैसे हैं जिंदा?

दरअसल, दो बच्चों की मां सलवा बैग में रखे कृत्रिम दिल से सांसें लेकर जिन्दा है, और सलवा की हमेशा कोशिश होती है, कि इस भयानक स्थिति के बावजूद वे एक आम इंसान की तरह की जिंदगी जिएं|

खराब तबीयत की वजह से नहीं हो पाया  हार्ट ट्रांसप्लांट

बता दें, दरअसल, सलवा का हार्ट ट्रांसप्लांट होना था, लेकिन डॉक्टरों ने खराब तबीयत की वजह से ऐसा नहीं किया|

लेकिन इसके लिए सलवा को नई जिंदगी देने वाले इस अत्याधुनिक डिवाइस में दो बैटरी हैं, और इसका वजन तकरीबन 7 किलो है|

जिस डिवाइस ने सलवा को जिंदा रखा है, उस डिवाइस में एक इलेक्ट्रिक मोटर और पंप है, जो बैटरी की मदद से उनके शरीर में रक्त परिसंचरण के लिए अटैच्ड ट्यूब के माध्यम से सीने में एक प्लास्टिक बैग में हवा को धकेलती है|

जिस यंत्र की वजह से सलवा की जान बची हुई है, वहीं दूसरी ओर इस डिवाइस की एक सबसे बड़ी खामी भी है|

बता दें, कि डिवाइस की बैटरी खत्म होने के बाद उसे बदलने के लिए सिर्फ 90 सेकंड का समय होता है|

यही वजह है, कि सलवा के पति को हमेशा उनके साथ रहना ही पड़ता है, डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, इस डिवाइस की कीमत 86 हजार पाउंड (करीब 85 लाख रुपये) है|

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