रिपब्लिक डे: जानिए भारत की आन-बान शान तिरंगा के फहराने के नियम!

रिपब्लिक डे: क्या आप भारतीय तिरंगे से जुड़े नियमों के बारे में जानते हैं, अगर नहीं तो आज हम आपको इन्ही के बारे में बताने जा रहे हैं

26 जनवरी साल 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ था, और इसी गणतंत्र दिवस के मौके पर कई जगहों पर तिरंगा फहराया जाता है।

राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को फहराने के कुछ नियम हैं, जो गृह मंत्रालय ने निर्धारित कर रखे हैं, और हम सभी को जिनका पालन जरूर करना चाहिए। तो चलिए आज हम आपको बताएंगे, कि तिरंगे को लेकर क्या नियम हैं।

राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को फहराने के कुछ नियम

केंद्र और राज्य के जवान, पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों के शहीद शव को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे में लपेटने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

यहाँ ध्यान रहे, कि तिरंगे का इस्तेमाल सजावट के लिए आप नहीं कर सकते हैं, और साथ ही इसका कोई अन्य इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकता है।

किसी गाड़ी, ट्रेन और नाव को ढंकने के काम में तिरंगे को नहीं लाया जा सकता है, और यहाँ तक की किसी पर्दे या घर के किसी अन्य काम में तिरंगे को इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के ऊपर कुछ भी लिखना या प्रिंट करना वर्जित है, और इसे किसी भी तरह के विज्ञापन, अपने कॉपी, किताब या किसी भी वस्तु में तिरंगे का इस्तेमाल कवर की तरह नहीं कर सकते हैं।

रिपब्लिक डे या फिर किसी भी समारोह में तिरंगा फहराने के दौरान वहां मौजूद सभी लोगों को राष्ट्र धव्ज की तरफ मुंह करके सावधान की मुद्रा में खड़ा होना होता है।

किसी भी अवस्था में तिरंगे का अपमान नहीं होना चाहिए। तिरंगा कभी भी जमीन पर नहीं गिरना चाहिए, और ना ही तिरंगे का कोई भी हिस्सा फटा होना चाहिए।

अन्य किसी भी तरह के दूसरे झंडे को तिरंगे से ऊपर या उसके बराबर नहीं लगाया जाना चाहिए। इसके अलावा तिरंगे को खुले में सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही फहराया जाना चाहिए।

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