वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी: पुरानी गाड़ी या बाइक है तो इन्हें जरूर समझ लीजिए

वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी: बता दें, कि कि सरकार पुराने वाहनों हटाना चाहती है, और इसलिए  बजट में भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई स्क्रैपिंग पॉलिसी का ऐलान किया था|

तो चलिए, फिलहाल पहले वाहनों के रजिस्ट्रेशन को लेकर आए कुछ नए नियमों के बारे में आपको बता देते हैं|

1.15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराने की फीस बढ़ा दी गई है, और अभी जितना देना पड़ रहा है, अक्टूबर से उसका 8 गुना ज्यादा देना पड़ेगा|

2. दो पहिया वाहनों जैसे बाइक, स्कूटर के भी रि-रजिस्ट्रेशन चार्ज बढ़ा दिए गए हैं|

3. अब 15 साल से पुराने इम्पॉर्टेड वाहन के रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराने के लिए 40 हज़ार रुपए देने होंगे|

4. इसके अलावा कॉमर्शियल गाड़ियों के फिटनेस सर्टिफिकेट और रिन्यूअल के लिए 10 हजार रुपये देने पड़ेंगे|

5. बस और ट्रक जैसे बड़े वाहनों के रिन्यू सर्टिफिकेट के लिए 12 हजार से अधिक देने पड़ सकते हैं|

आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि अगर 15 साल से पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन खत्म होते ही आपने उसका रजिस्ट्रेशन तुरंत रिन्यू नहीं कराया, तो हर महीने के हिसाब से पेनाल्टी पड़नी भी शुरू हो जाएगी|

सर्टिफिकेट हो जाएगा ज़रूरी?

इस नई स्क्रैपिंग पॉलिसी के मुताबिक, 20 साल से पुराने वाहनों के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट ज़रूरी हो जाएगा, और इसके अलावा कॉमर्शियल वाहनों के लिए 15 साल पर फिटनेस सर्टिफिकेट लेना होगा|

इसके साथ ही सरकार देशभर में स्क्रैपिंग सेंटर्स शुरू करने जा रही है. और जो भी अपने पुराने वाहन को स्क्रैपिंग सेंटर्स में लेकर जाएगा, उस गाडी के मालिक को एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा. और इस सर्टिफिकेट से उसे नई गाड़ी खरीदने पर 5 पर्सेंट की छूट मिलेगी|

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