महमूद बेगड़ा: अपने खाने के साथ जहर का स्वाद लेने के लिए मशहूर था यह बादशाह

गुजरात सल्तनत के शक्तिशाली शासक महमूद बेगड़ा अपने भारी-भरकम खुराक के लिए काफी मशहूर थे| कहा जाता है कि वे एक दिन में 35 किलो खाना खाते थे।

महमूद इतना ज्यादा खाना बहुत आराम से खा जाते थे, और उसे पचा भी लेते थे, और इसके अलावा वे रोजाना जहर का भी स्वाद भी लेते थे|

सबसे प्रतापी शासक

महमूद ने गुजरात पर 52 साल तक सफलतापूर्वक राज किया था, और उन्हें अपने वंश का सबसे प्रतापी शासक माना जाता था।

बता दें, कि इनका नाम पहले महमूद शाह प्रथम था। उन्हें ‘बेगड़ा’ की उपाधि तब दी गई थी, जब उन्होंने ‘गिरनार’ जूनागढ़ और चम्पानेर के किलों को फ़तेह कर लिया था।

कहा यह भी जाता है, कि बेगड़ा का गिरनार किले पर अधिकार हो जाने के बाद यहां के राजा ने इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया था, जिसके बाद उसकी सेना को भी सुल्तान की सेना में शामिल कर लिया गया था।

दुनियाभर में मशहूर  बादशाह की खुराक

गुजरात के इस बादशाह का खाना खुराक दुनियाभर में मशहूर था। ऐसा कहा जाता है, कि वह नाश्ते में एक कटोरा शहद, और एक कटोरा मक्खन के साथ 100-150 केले खा जाते थे।

यह तो कुछ भी नहीं, रात के समय भी उनके तकिए के दोनों तरफ खाना रख दिया जाता था, ताकि अगर उन्हें कभी भी भूख लगे तो तुरंत खा सकें।

इतिहासकारों की माने, तो बचपन से ही किसी ने महमूद बेगड़ा को जहर का सेवन कराया गया था, जिसके बाद से वह हर रोज खाने के साथ थोड़ा-थोड़ा जहर भी लेते थे।

कहा तो यहां तक जाता है, कि इस बादशाह के शरीर में इतना जहर हो गया था, कि अगर उनके हाथ पर कोई मक्खी भी बैठ जाती थी, तो वह भी पलभर में दम तोड़कर नीचे गिर जाती थी|

यहाँ तक की, उनके इस्तेमाल किए हुए कपड़े भी जहरीले हो जाते थे, जिन्हे कोई छूता तक नहीं था, बल्कि उसे सीधे जला दिया जाता था।

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