इस साल के आखिरी चंद्र ग्रहण का ऐसा होगा भारत पर असर

30 नवंबर 2020 को साल 2020  का आखिरी चंद्र ग्रहण है| चंद्रग्रहण के दौरान पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, और इस स्थिति में पृथ्वी की छाया से चंद्रमा ढंक जाता है|

बता दें, कि चंद्रग्रहण को खुली आंखों से देखा जा सकता है| इसी के साथ अगले महीने 14 दिसंबर को सूर्य ग्रहण लगेगा| इन दोनों खगोलीय घटनाओं का भारत के अलावा दुनिया के अन्य देशों में भी असर देखा जा सकेगा|

भारत में सूतक काल नहीं होगा , हालांकि दुनिया के अन्य हिस्से में चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण लगने से आस्थावान लोग सूतक काल मानकर कोई भी शुभ काम नहीं करते हैं|

ज्योतिष में यह माना जाता है, कि चंद्र ग्रहण के दौरान कुछ कामों से परहेज करना चाहिए और कुछ काम इस दौरान करने से अच्छा फल मिलता है|

आइए जानते हैं, कि भारत में इस चंद्र ग्रहण का क्या प्रभाव पड़ने वाला है|

भारत पर चंद्र ग्रहण का असर

साल का यह आखिरी उपछाया चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, हिंदू धर्म शास्त्रों में, उपछाया चंद्र ग्रहण को ग्रहण नहीं कहा गया है|

इसी वजह से साल के इस आखिरी चंद्र ग्रहण का कोई सूतक काल मान्य नहीं होगा और किसी तरह का काम भी निषेध नहीं होगा| लेकिन नक्षत्र में प्रवेश से राशि से सम्बंधित लोगों का इसका प्रभाव जरूर पड़ेगा|

साल का यह आखिरी चंद्र ग्रहण वृषभ राशि में लग रहा है, इसलिए इस राशि के लोगों को ग्रहण काल में थोड़ा सावधान रहने की आवश्यकता है, नहीं तो तकलीफ का सामना करना पड़ सकता है|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *