रंगों का त्योहार: 200 साल पहले इस गांव को मिला था श्राप, तब से नहीं मनाते होली!

आज हम आपको गुजरात के एक ऐसे गांव के बारे में  बताने जा रहे हैं,जहां होली का त्योहार नहीं मनाया जाता है| 

गुजरात के बनासकांठा जिले में स्थित इस गांव का नाम  रामेश्वर है. और यहाँ पिछले 200 साल से होली ना मनाने की परंपरा चली आ रही है| दरअसल, इस गांव के लोग किसी अनहोनी की वजह से होली का त्योहार नहीं मनाते हैं|

200 साल  पुरानी कहानी

इस कहानी के मुताबिक, इस गांव में 200  साल पहले होलिका दहन किया जा रहा था| लेकिन, अचानक गांव में आग लग गई तथा कई घर आग में जल गए| 

इस गांव में आग लगने के पीछे की मान्यता है, कि उस समय के गांव के राजा ने साधू-संतों का अपमान किया था| इसके बाद  साधुओं ने गांव को श्राप दे दिया था, कि होली के दिन गांव में आग लग जाएगी|

इस गांव में इसके बाद  होली के दिन  आग लग गई थी|  हालांकि, कुछ साल बाद फिर से गांव के लोगों ने होलिका दहन करने की कोशिश की. लेकिन, फिर से गांव में आग लग गई  और ऐसा लगातार होली के दिन तीन बार हो भी चुका है|

तब से लेकर अब तक इस गांव के लोगों ने होलिका दहन करना बंद कर दिया| जिस वजह से इस गांव के लोग होली का त्योहार नहीं मनाते| 

साधू के श्राप से इस गांव के लोग इस कदर डरे हुए हैं, कि अबतक किसी ने इस गांव में होलिका दहन करने की कोशिश नहीं की….

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