आंखों का फड़कना: अशुभ नहीं है Eye Twitching, जानें इसके पीछे की असली वजह

आंखों का फड़कना आम भाषा में हमारी सेहत से जुड़ा हुआ है, इसका मतलब जब हमारे शरीर के किसी भी हिस्से में मांसपेशियों  में संकुचन होता है, तो वो फड़कने लगती हैं| 

फाइबर्स से हमारी मांसपेशियां बनी होती हैं, जिन्हें तंत्रिकाएं नियंत्रित करती हैं, और तंत्रिकाओं को नुकसान पहुंचने पर मांसपेशियां फड़कने लगती हैं|

ऐसे फड़कती है आंखें

बता दें, कि जब आंखों की मांसपेशियां अकड़ जाती हैं तो वो फड़कने लगती हैं| जिसका कारण ऐंठन या ऊपरी और नीचे की दोनों पलकों में खिंचाव हो सकता है|

आंखों के फड़कने में वैसे तो किसी तरह का दर्द नहीं होता है, और ये खुद ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ मामलों में ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है|

आंखें कभी-कभी बेवजह भी फड़क सकती हैं, लेकिन कई बार इनकी कई वजहें हो सकती हैं, जैसे कि आंखों में खुजली होना, आंखों पर दबाव पड़ना, थकान, नींद पूरी ना होना, शारीरिक दबाव, तनाव, किसी दवा का साइड इफेक्ट, या आंखों के ड्राई होने और पलकों में सूजन होने पर आंखों का फड़कना ज्यादा पीड़ादायक हो सकता है, और अगर आपको अक्सर ही आंखों के फड़कने की दिक्कत रहती है, तो इसकी वजह से आपकी नजर कमजोर हो सकती है|

आंखों के विशेषज्ञ को दिखाएं

आमतौर पर आंखों का फड़कना कोई गंभीर स्थिति नहीं है, लेकिन आपको कुछ सेफ्टी पर्पस कंडीशन के तौर पर डॉक्टर को दिखाना चाहिए|

जैसे अगर आपकी आंखें जोर-जोर से फड़कते हुए लाल हो जाएँ, या फिर सूजन या पानी गिरने की शिकायत है, ऊपरी पलक लटकने लगी है, आंखों के फड़कने पर आंखें पूरी तरह बंद हो जा रही हैं और आंखों के फड़कने का असर चेहरे के अन्य हिस्सों पर भी पड़ रहा है, और अगर इस तरह की समस्या आपको काफी समय से परेशान कर रही हैं तो देर न करें और अपने डॉक्टर से से एक बार जरुर सम्पर्क करें|

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