दिनेश लाल यादव निरहुआ: भोजपुरी सिनेमा में डबल मीनिंग संवाद पर कही ये बात!

दिनेश लाल यादव निरहुआ:  हाल ही में एक विशेष वार्ता में निरहुआ  ने कहा, कि भोजपुरी सिनेमा के दो-अर्थी संवाद आने वाले दिनों में स्वत: बंद हो जाएंगे|

भोजपुरी फिल्मों के सुप्रसिद्ध अभिनेता Nirahua  ने इस संबंध में अपनी राय स्पष्ट की है, कि भविष्य में कलाकार खुद इसको लेकर सजग हो गए हैं|

अब ओटीटी और सैटेलाइट फिल्में  

एक अग्रणी मीडिया हाउस के साथ विशेष वार्ता में निरहुआ (Nirahua) ने कहा, कि आने वाले दिनों में भोजपुरी सिनेमा के दो-अर्थी संवाद स्वत: बंद हो जाएंगे| दरअसल, पहले फिल्में थियेटर ऑडियन्स के लिए बनती थीं, जिनमें रसीले गाने डालकर उसे हिट कराने का प्रयास किया जाता था, लेकिन, अब फिल्में ओटीटी और सैटेलाइट के लिए बन रही हैं|

सैटेलाइट फिल्म में जब तक यूए सर्टिफिकेट नहीं होगा, तब तक नहीं चलेगी. जिसकी वजह से अब अच्छी फिल्में बनानी पड़ेगी और दो-अर्थी संवादों से परहेज करना पड़ेगा|

वहीं भोजपुरी फैमली सिनेमा बनाने के सवाल पर निरहुआ कहते हैं, कि इसकी शुरूआत हो चुकी है, क्योंकि टेलीविजन पर जो फिल्में आती हैं, उसे परिवार के लोग एक साथ बैठकर देखते हैं. इसलिए अब इसे ध्यान में रखकर नई फिल्में बन रही हैं| आप देखते रहिए, अब ट्रेंड अपने आप बदल जाएगा|

दिनेश लाल ने कहा, एलबम पर सेंसरशिप अभी नहीं है, उस पर भी सेंसर लगाना चाहिए| आमतौर पर कुछ गानों को सुनकर लोगों को लगता है, कि यह तो भोजपुरी सिनेमा है, लेकिन वास्तव में वह एलबम होता है| इस पर सेंसर अनिवार्य है| इसके अलावा भोजपुरी के कलाकरों के लिए ट्रेनिंग को लेकर निरहुआ ने कहा, कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अभी भोजपुरी के लिए एकेडमी बनाने का प्रस्ताव पारित किया है| जो शायद लखनऊ या बनारस में यह बनने जा रहा है|

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