डिजिटल रुपया: RBI तलाश रहा भारतीय digital currency की संभावनाएं, जानिए वजह

डिजिटल रुपया: भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी ‘पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम इन इंडिया’ रिपोर्ट में भारतीय मुद्रा के ‘डिजिटल संस्करण’ की संभावना पर बात की है|

क्रिप्टोकरेंसी की बढ़ती लोकप्रियता

पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम इन इंडिया रिपोर्ट में RBI ने कहा है, कि वर्चुअल करेंसी या क्रिप्टोकरेंसी हाल के वर्षों में काफी लोकप्रिय हुई हैं|

जिस वजह से RBI रुपया का डिजिटल संस्करण लॉन्च करने की संभावनाएं तलाश रहा है|

RBI के मुताबिक, देश में डिजिटल मुद्रा को लेकर सरकार और नियामक अभी फिलहाल सशंकित हैं, जिसकी प्रमुख वजह इनसे जुड़े जोखिम होना|

इनमें से एक बैंक शाखा, एटीएम, पीओएस और बैंक मित्र के पास होने वाले लेनदेन के दौरान उस जगह की लोकेशन ट्रेस करन अहम है, और जिसके चलते केंद्रीय बैंक का लक्ष्य इसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था को अन्य भुगतान माध्यमों तक बढ़ाना है|

कैशलेस इकोनॉमी की चुनौती

केंद्रीय बैंक के अनुसार, बीते दशक में देश में डिजिटल भुगतानों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है, तो वहीं, भुगतान के कई विकल्प सामने आए हैं|

डिजिटल भुगतान में अब चुनौती इस वृद्धि और ग्राहकों के कैशलैस लेनदेन करने के व्यवहार को बनाए रखने की है| 

RBI की रिपोर्ट में कहा गया है, कि खुदरा डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय बैंक ने NEFT जैसी प्रणाली विकसित की है|

इसके अलावा वहीं यूपीआई, आईएमपीएस, बीबीपीएस, भारत क्यूआर जैसे कई अन्य विकल्प उपलब्ध कराने के लिए NPCI जैसी संस्था का विकास किया गया है|

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