देवश्री त्रिवेदी: इस महिला ने 150 कंडोम हाई कोर्ट की जज साहिबा के दफ्तर भेजा, यह है वजह

देवश्री त्रिवेदी: हम बात कर रहे हैं, जस्टिस पुष्पा गनेडीवाला की जिन्होंने. यौन शोषण के मामलों की सुनवाई के दौरान दो विवादित फैसले सुनाए थे|

जिसमे एक में कहा था, कि 12 साल की बच्ची का टॉप उतारे बिना उसके ब्रेस्ट को छूना पोस्को के तहत अपराध नहीं है, वहीं दूसरे फैसले में कहा था बच्ची का हाथ पकड़कर पैंट की चेन खोलना भी POCSO के अंदर नहीं आता|

अब उनके इसी फैसले के विरोध में गुजरात की एक महिला जज के दफ्तर पर 150 कंडोम का एक पैकेट भेजा है|

राजनीतिक विश्लेषक हैं महिला

गुजरात के अहमदाबाद की रहने वाली देवश्री त्रिवेदी खुद को राजनीतिक विश्लेषक बताती हैं| वहीं कंडोम का पैकेट भेजने की वजह पूछने पर उन्होंने बताया-

जी बिल्कुल, मैंने 9 फरवरी को जस्टिस पुष्पा गनेडीवाला के 12 पते पर करीब 150 कॉन्डम के पैकेट्स इसलिए भेजे हैं, क्योंकि उन्होंने अपने फैसले में कहा था, कि जब तक बच्ची के स्किन से डायरेक्ट कॉन्टैक्ट ना हो, तब तक वो सेक्सुअल असॉल्ट नहीं माना जाएगा, तो इस हिसाब से तो कंडोम इसका बेस्ट उदाहरण है, और तभी मैंने एक सिम्बल के तौर पर उन्हें भेजा है|

पैकेट्स के साथ एक लेटर भी भेजा

देवश्री बताती हैं कि, इन पैकेट्स के साथ जस्टिस पुष्पा को उन्होंने एक लेटर भी भेजा है, जिसमें उन्होंने कॉन्डम का चित्र बनाया है और कहा कि वह इसमें कोई भी अपशब्दों का प्रयोग नहीं कर रही हैं|

देवश्री त्रिवेदी की मांग है, कि जल्द से जल्द पुष्पा गनेडीवाला को उनके पद से हटा दिया जाना चाहिए|

वहीं इस पूरे मामले पर नागपुर बार एसोसिएशन के मुताबिक, ये अवमानना का केस है और इस हरकत के लिए महिला के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए|

यह हैं जस्टिस पुष्पा गनेडीवाला

आपको  बता दें, कि 2007 में जिला जज  बनी पुष्पा गनेडीवाला महाराष्ट्र के अमरावती की रहने वाली हैं| इसके बाद नागपुर में मुख्य जिला और सेशन जज रहने के बाद फिर बॉम्बे हाईकोर्ट की रजिस्ट्रार जनरल नियुक्त की गईं, और फरवरी 2019 में उन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट में अस्थाई जज बनाया गया है|

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