चाणक्य नीति के अनुसार इन तीन कामों को करने से मिलती है बदनामी

चाणक्य नीति: योग्य शिक्षक होने के साथ-साथ चाणक्य को विभिन्न विषयों की गहरी जानकारी थी| यही वजह थी, कि उनके पास आम जनमानस की हर समस्या का हल था|

चाणक्य के विचार आदमी के आचरण पर केंद्रित थे| उनका कहना था, कि जिस व्यक्ति का आचरण अच्छा नहीं होता है, वह कभी प्रशंसा के योग्य नहीं होता| इसलिए, व्यक्ति को अपने आचरण को सुंदर बनाने के लिए प्रयास करते रहना चाहिए|

चाणक्य के अनुसार, गलत तरीके से प्राप्त सफलता कभी स्थाई नहीं हो सकती है| इसके अलावा चाणक्य की कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं, जिन्हे हमेशा ध्यान में रखना चाहिए|

सफलता पाने के लिए झूठ का सहारा ना लें

चाणक्य के अनुसार, लाभ और सफल होने के लिए जो लोग झूठ का सहारा लेते हैं, उन्हें आगे चलकर पछताना ही पड़ता है| क्योंकि झूठ एक न एक दिन ज़रूर बेनकाब होता है|

जब दुनिया को सच्चाई का पता चलता है, तो झूठ बोलकर सफलता पाने वाले को शर्मिंदा होना पड़ता है| समाज में ऐसे लोगों को आदर्श नहीं माना जाता है|


धोखा ना दें

चाणक्य के मुताबिक, धोखा देने वाले व्यक्ति  को समाज में अच्छी नजरों से नहीं देखा जाता है| अपने निजी स्वार्थ के लिए जो लोग मित्रों या रिश्तेदारों को धोखा देते हैं, वे अपयश को ही प्राप्त करते हैं|

याद रखें, जो व्यक्ति आपको आगे बढ़ने में मदद करे, उसे कभी धोखा नहीं देना चाहिए| ऐसे लोग जब बुरे दौर से गुजरते हैं, तो कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं आता|

क्रोध से बचें

चाणक्य नीति के अनुसार क्रोध व्यक्ति की सफलता में सबसे बड़ी रुकावट है| जो लोग क्रोध करते हैं, और हमेशा दूसरों का अपमान करने में अपनी शान समझते हैं| उन्हें समाज में अच्छी नजरों से नहीं देखा जाता है|

क्रोध में व्यक्ति दूसरों का कम अपना ज्यादा नुक्सान कर बैठता है, क्रोध करने वाले व्यक्ति से उसके परिवार वाले भी दूरी बनाकर रखते हैं|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *