बड़े गणेश मंदिर जहां 26 जनवरी को नहीं मनाया जाता गणतंत्र दिवस, ये है वजह

उज्जैन में एक बड़े गणेश मंदिर है, जो कि उज्जैन महाकाल मंदिर के पास ही स्थित है।

यहाँ की सबसे खास बात यह है, कि यहाँ पर गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को नहीं बल्कि हर साल माघ शुक्ल अष्टमी तिथि को मनाया जाता है|

इस मंदिर में अलग तारीख को दिन गणतंत्र दिवस मनाए जाने पर पंडित आनंद शंकर व्यास ने कहा, कि हमारा राष्ट्रीय पर्व अंग्रेजी तारीख में मनाया जाता है, लेकिन बड़े गणेश मंदिर में  अंग्रेजी तारीख को पर्व नहीं मनाया जाता है।

पंडित बालगंगाधर तिलक की प्रेरणा से बनाया मंदिर

पंडित व्यास के अनुसार, पंडित बालगंगाधर तिलक की प्रेरणा से ही इनके स्वर्गीय दादा नारायण जी व्यास ने उज्जैन में 1908 माघ कृष्ण चतुर्थी के दिन इस मंदिर की स्थापना की थी।

ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, उस दौर में इस मंदिर में देश की आजादी के लिए पूजा की जाती थी, और उस समय करीब 39 वर्षों तक आजादी प्राप्ति के लिए यहां पूजा-अर्चना चलती रही थी।

उनके अनुसार, यही कारण है, कि हिंदी तिथि अनुसार ही इस स्थान पर हम भारत का गणतंत्र पर्व मनाते हैं। क्योंकि,  26 जनवरी 1950 को माघ शुक्ल अष्टमी तिथि थी। इसलिए माघ शुक्ल अष्टमी पर ही हम यहाँ गणतंत्र पर्व मनाते हैं।

माघ शुक्ल अष्टमी तिथि

तब से लेकर अब तक हर साल माघ शुक्ल अष्टमी तिथि के दिन मंदिर में गणेश जी की उपासना की जाती है, और इस मंदिर का ध्वज बदला जाता है।

बता दें,  1908 में बड़े गणेश मंदिर की स्थापना माघ कृष्ण चतुर्थी के दिन हुई थी और तभी से ये परंपरा आज भी जारी है।

माना जाता है कि पं.बालगंगाधर तिलक के गणेश उत्सव अभियान से प्रेरित होकर पं.नारायण व्यास ने ये मंदिर बनाया था। जिस वजह से ये मंदिर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को पूरी तरह से समर्पित है। 

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