आंध्र प्रदेश: ऐसा मुस्लिम गांव जहां हर घर का लाल कर रहा भारत माता की सेवा

आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में एक मल्लारेड्डी गांव है, जिसे अगर आप वीरों की भूमि कहें तो कुछ गलत नहीं होगा|

प्रकाशम जिले के इस मुस्लिम बहुल गांव में ज्यादातर घरों से कम से कम एक व्यक्ति सेना में सेवारत है,  और आज देश सेवा में किसी ना किसी बॉर्डर पर सीना तान खड़ा है|

सेना में जाना गर्व की अनुभूति

सेना से रिटायर हो चुके ऐसे ही एक बुजुर्ग के मुताबिक, मैं राजस्थान में देश की पश्चिमी सीमा पर सेवा करके रिटायर हुआ, इसके बाद मैंने अपने दो बेटों को सेना में भेजा है| मेरे चाचा के दो बेटे भी सेना में सेवारत हैं, और यह हमारे लिए एक गर्व की अनुभूति है|

वहीं कासिम अली नाम के सेना से रिटायर एक बुजुर्ग ने बताया, 24 साल तक देश की सेवा करने के बाद लेह लद्दाख में आखिरी ड्यूटी के बाद रिटायर हुआ, और अब गांव में वह युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करते हैं|

इस गांव में कई दिग्गज बुजुर्ग बच्चों को देश की सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करते हैं और इसे गांव की परंपरा बताते हैं|

सेना भर्ती के लिए  प्रशिक्षण

गांव के नौजवान युवक सेना से सेवानिवृत्त हो चुके बुजुर्गों से प्रशिक्षण लेते रहते हैं, रोप क्लाइम्बिंग, रनिंग, बाधा दौड़ जैसी इन खेलों से यहां के युवाओं के लिए माहौल बन चुका है, जो उन्हें सेना भर्ती के लिए प्रेरित करता रहता है|

दिलचस्प बात यह है, कि आंध्र प्रदेश के किसी भी अन्य गांव की तरह यहां के ग्रामीण खेती का काम नहीं करते हैं, बल्कि वीरों की भूमि कहलाने वाले इस गांव के युवा एमसीए, एमबीए, इंजीनियरिंग जैसी उच्च शिक्षा की डिग्री हासिल करने के बाद भी भारतीय सेना को ही अपना करियर बनाते हैं|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *