अजब-गजब: हजारों लोगों की जान बचाने के लिए इस चूहे को मिला वीरता पुरस्कार

एक अजब-गजब बहादुरी का किस्सा सामने आया है| जहां एक विशाल चूहे को ब्रिटेन की एक चैरिटी संस्था द्वारा उसकी बहादुरी के लिए गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया|

अन्तर्राष्ट्रीय न्यूज़ द गार्जियन की एक खबर थी|मगावा नाम के विशाल चूहे ने पूर्व एशियाई देश कंबोडिया में अपने सूंघने की क्षमता से 37 बारूदी सुरंगों के साथ- साथ 28 जिंदा विस्फोटकों का पता लगाया था|

पुरस्कार जीतने वाला दुनिया का पहला चूहा

इस अजब-गजब पुरस्कार को जीतने वाला सात साल का मगावा पहला चूहा है|

खबरों के अनुसार, ब्रिटेन की एक चैरिटी संस्था पीडीएसए ने इस बहादुर चूहे को सम्मानित किया|

जानकारी के लिए बता दें, कि ब्रिटेन की यह चैरिटी संस्था हर साल दुनिया भर के जानवरों को उनकी बहादुरी के लिए सम्मानित करती है|

मागावा नाम के इस बहादुर चूहे ने दक्षिण पूर्व एशियाई देश कंबोडिया में कारनामा कर दिखाया|

जिसने लगभग15 लाख वर्ग फीट के इलाके को बारूदी सुरंगों से मुक्त करवाने में मदद की|

दरअसल, यह दक्षिण एशियाई देश कंबोडिया 1970 से1980 के दशक में भयंकर गृह युद्ध से ग्रसित रहा है|

गृह युद्ध दौरान दुश्मनों को खत्म करने के लिए बड़े पैमाने पर बारूदी सुरंगे बिछाई गईं थी|

90 का दशक आते-आते हालत सामान्य होते गए| और कंबोडिया देश का आंतरिक युद्ध भी समाप्त हो गया|

लेकिन, गृहयुद्ध खत्म होने के बाद आज भी इन सुरंगों का पता न होने के कारण यह कई लोगों की मौत की वजह बन रही थीं|

बता दें कि, चूहों को उनकी अजब-गजब सूखने की ताकत होती है|

जिसकी वजह से ही उन्हें सिखाया जाता है| कि विस्फोटकों में कैसे किसी रासायनिक तत्व का पता लगाना है|

चूहों को बारूदी सुरंगों का पता करने की ट्रेनिंग पहले से दी हटी है| जिस से चूहे किसी भी बारूदी सुरंग का पता लगा सकते हैं|

एक बार उन्हें विस्फोटक की सुगंध मिल जाए, तो फिर वे अपने ट्रेनर साथी को उसके बारे में सचेत कर देते हैं|

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